भारत की शान
भारत तेरी शान की करते हैं गुणगान हम आन बान और मर्यादा का करते हैं सम्मान हम दुनिया मैं है इसकी गणना अन्याय असत्य से अंजाना पावन निर्मल बहे सरिता कण कण में यहां मिले फरिश्ता सत्य वचन और धर्म का पाठ पढ़ाता है भाईचारा स्नेह प्रेम से रहना सिखाता है चार वेद और चारों धाम करते हैं जो इसका नाम हिमालय उत्तर में गुंबज प्यारा लगता है हिंद सागर दक्षिण में कल कल कल कल करता है पश्चिम में रेगिस्तान की आंधियां पूर्व में कृष्णा की बनी बांधिया सब देशों का ये है हीरा जहां पर कृष्णा की है मीरा ऐसा देश हमारा है प्यारा देश हमारा है