वायु का एहसास
समीर प्राणवायु जिंदगी है
इसके बिना भी कहां बंदगी है
सांस थमती नहीं
जिंदगी चलती नहीं
बिना इसके भी जीना कहां
अब तो रहना भी दुर्गम वहां
एक क्षण के लिए जब थम जाए तू
जीने के सारे पथ बंद हो जाए यू
दिल मचलने लगा सांस बढ़ने लगी
अब तो आने की आस घटने लगी
दम सा घुटने लगा अब खेतों में यहां
बम सा पड़ने लगा तब रेतो में तो वहां
फिर सूनी समीर ने हमारी कहानी
अब तो बहने लगी उसकी जुबानी
एक प्यारी सी हवा का झोंका आया था
हो गए सभी प्रफुल्लित ऐसा मौका आया था
समीर प्राणवायु जिंदगी है
इसके बिना भी कहां बंदगी है
Wow super
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