shayri

रब  से  ज्यादा  चाहा  तुझको  

रब  से ज्यादा  माना  तुझको ये  दिल  भी  मेरा तेरा  ही  बन गया हर  लम्हा अब तेरा  ही बन गया    मन  की तरंगो  में  बस  नाम  तेरा ही मेरे दिल की  लहरों  में उमंग तुमसे से ही हेर लम्हा  जीना अब तेरे साथ  है  तुझको  हँसाना  अब मेरे हाथ है 

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