kuch krne ka jajba

सरदी की ठंडी -ठंडी रातें 

 किताबों से प्यारी-प्यारी  बातें जुनून दिल मे  हो कुछ करने का तो यूही नहीं  मर  मिटने का थक गये तो क्या हुआ थोड़ा आराम करके फिर चलने का हाथों  में किस्मत की लकीरें  नहीं उनमे कुछ इतिहास रचाने का 

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